डरना नहीं है भाइयों और बहनों क्योंकि अति से आप पहले भी गुजरे हो!


ज्यादा से ज्यादा क्या होगा हुक्का पानी बंद? गले में हांडी, पीठ में झाड़ू या सामाजिक बहिष्कार? कुछ भी नया नहीं है तो डर नया क्यों हो?


इससे बदतर कुछ नहीं होगा, चैन की सांस लो और डटे रहो!